रतनगढ।इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विजया दशमी के अवसर पर अपना 100 वां वर्ष (शताब्दी वर्ष) मना रहा है।इस अवसर पर रतनगढ़ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा संघ का एतिहासिक विशाल पथ संचलन निकाला गया।जिसमें पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पूर्ण गणवेश धारी युवा, बुजुर्ग एवं बाल स्वयं सेवकों ने उत्साह व उमंग के साथ भाग लिया।इस अवसर पर सर्वप्रथम राधाकृष्ण मंदिर के सामने स्थित सब्जी मंडी परिसर पर संघ के सभी पूर्ण गणवेश धारी स्वयं सेवकों का एकत्री करण हुआ।जहां सर्वप्रथम मुख्य शिक्षक नविन माली,हिमांशु बैरागी ने अतिथि परिचय, नारायण माली ने ओजस्वी गीत,भोपाल सिंह राजपूत के द्वारा अमृत वचन के पश्चात विभाग सेवा प्रमुख नारायण सिंह एवं खंड कार्यवाह श्रीलाल गुर्जर, नगर कार्यवाह गोविंद मीणा आदि मंचासीन पदाधिकारियों के द्वारा भारत माता, हेडगेवार जी एवं गोवलकर जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर शस्त्र पूजन किया गया।इसके पश्चात खण्ड कार्यवाह श्रीलाल गुर्जर ने संघ की आगामी कार्य योजना पंच परिवर्तन से राष्ट्रीय पुनरुत्थान के बारे मे जानकारी देते हुए सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण व स्वदेशी पांचो प्रमुख आयामो के बारे मे बताया। विभाग सेवा प्रमुख नारायण सिंह जी के द्वारा अपने प्रभावी उद्बोधन के दौरान सभी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए शताब्दी वर्ष की बधाई शुभकामनाए देते हुए बताया कि हम सभी को संगठित रहकर राष्ट्र एवं समाज की सेवा करना है।बिना संगठन के हमारा कोई अस्तित्व नहीं है।हम सबको संगठित रहकर समाज एवं राष्ट्र विरोधी अराजक तत्वों का डटकर मुकाबला करना होगा।आज देश की मजबूती के लिए सामाजिक समरसता अति आवश्यक है।वर्तमान समय मे कुछ दूषित मानसिकता के लोगों द्वारा समाज मे जातिवाद का भारी जहर घोला जा रहा है।इससे हमे देश को बचाना होगा।आज से 100 वर्षो पूर्व सन् 1925 में आज ही के दिन डॉ.केशव राव बलिराम हेडगेवार के द्वारा मात्र गिनती के स्वयं सेवकों के साथ में रौपा गया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रूपी यह नन्हा सा पौधा आज संपूर्ण देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गहरी पहचान बना चुका है।आज देश प्रदेश के शहरी अंचलों से लगाकर दूर सुदूर के ग्रामीण अंचलों तक देश के कोने कोने में संघ के स्वयं सेवको का संगठन विशाल वट वृक्ष के रूप में हिंदू समाज में अपनी गहरी जड़े जमा कर विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुका है।आज हमारी एकता के कारण ही धारा 370 की समाप्ति व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ ही काशी विश्वनाथ कोरिडोर का कार्य संभव हो सका है।आज संघ अपना 100 वां शताब्दी वर्ष मना रहा है।संघ का उद्देश्य इस राष्ट को पुनःपरम वैभवशाली राष्ट्र बनाना है।इस अवसर पर संघ प्रार्थना के पश्चात घोष की धुन पर एक साथ कदम ताल करते हुए सैकडो स्वयं सेवको का शुरू हुआ पथ संचलन नगर के सभी प्रमुख मार्गो से कतार बद्ध,पूर्ण गणवेश एवं अनुशासन के साथ निकाला गया।प्रातः10:30 बजे सब्जी मण्डी परिसर से प्रारंभ हुआ पथ संचलन राधाकृष्ण मंदिर,मोती बावजी, रैगर मोहल्ला, भगवान श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर मार्ग,सदर बाजार, झंडा चौक, गोवर्धन नाथ मंदिर मार्ग,तैली चौक, मिडिल स्कूल, जाट रोड, पीपली चौक, श्रीराम जानकी मंदिर, माहेश्वरी मोहल्ला, सदर बाजार, गरबा चौक,सगस बावजी मार्ग,कोली मोहल्ला, बस स्टैण्ड,नीमच सिंगोली रोड,नीम की सड़क से होता हुआ पुनःअपने निर्धारित समापन स्थल सब्जी मण्डी परिसर पर पहुंच कर समापन हुआ।इस दौरान बोहरा गली कार्नर पर मुस्लिम समाज के युवा समाज सेवी भाजपा अल्प संख्यक मोर्चा जिला महामंत्री डॉ.बिलाल मंसूरी व अली असगर बोहरा के द्वारा पुष्प वर्षा से सभी स्वयं सेवकों का स्वागत कर कोमी एकता की मिसाल पेश की गई। पूरे नगर मे लगभग 50 से भी अधिक स्थानो पर सर्व हिंदू समाज की महिला पुरुषों ने देशभक्ति गीतो की धुन पर पुष्प वर्षा कर स्वयं सेवकों का जोरदार स्वागत किया।पूरे संचलन के दौरान एहतियात के तौर पर टप्पा तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदार बी.एल. डाबी, सब इंस्पेक्टर शिशुपाल सिंह गोड़, कस्बा पटवारी विनय तिवारी,आरक्षक संदिप जाट,सूचना संकलन प्रभारी आरक्षक तेजकरण जोशी सहित पुलिस जवानों व प्रशासनिक अमले व न.प.सफाई कर्मीयो के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ पूरे समय डटे रहे।
